यहां PM के स्वच्छ भारत अभियान को ठेंगा दिखा रहे अधिकारी

 

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कौशांबी। कौशांबी में प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट स्वच्छ भारत मिशन को अधिकारी पलीता लगा रहे हैं। शौचालय निर्माण में करोड़ो रूपए खर्च कर दिए गए, लेकिन फिर भी लोग खुले में शौंच जाने के लिए मजबूर हैं। कागजो तक सीमित होकर रह गया सरकार का स्वच्छ भारत मिशन का गंगा एक्शन प्लान।

जिला के पंचायतराज अधिकारी कमल किशोर का दावा है कि जिले में 1 लाख 40 हजार 112 शौचालयो का निर्माण कराए जाने का लक्ष्य रखा गया है। जिले में अब तक 78 हजार शौचालय 8 ब्लॉकों में दिए गए है, जिसमे से 54 हजार शौचालय का निर्माण कराया जा चुका है।

यहीं नही जनाब यह भी दावा करते है कि गंगा किनारे के 33 गांवो में गंगा एक्शन प्लान के तहत शौचालय का निर्माण कार्य पूरा कराकर ओडीएफ घोषित कर दिया गया है। टीम ने जब गंगा किनारे के गांव का सर्वे किया तो यहां की तस्वीर अधिकारियों के दावों से बिलकुल उलटी निकली।

सीडीओ से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि ग्राम प्रधान ने अपने मजरे के साथ 2 अन्य मजरों मे 282 शौचालयों का निर्माण करवा रखा है। बाकी के मजारों मे लोगों ने खुद ही शौचालय बनवाए हुए है और इसी के आधार पर गांव को ओड़ीएफ घोषित किया जा चुका है।

वहीं जिस तरह कौशांबी मे गंगा एक्शन प्लान के तहत शौचालय निर्माण मे अनियमितता बरती गई है। एेसे में सवाल उठता है कि गंगा कैसे स्वच्छ होगी और क्या प्रधानमंत्री मोदी का स्वच्छ भारत का सपना पूरा हो पाएगा?

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