अब भारत में भी इस मामले में आ सकता है ‘भूचाल’!

नई दिल्ली। पनामा गेट मामले ने नवाज शरीफ से पाकिस्तान के प्रधानमंत्री पद की कुर्सी छीन ली। पनामा गेट मामले में अभी भी दुनियाभर के 140 नेताओं पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं जिनमें 72 पूर्व और वर्तमान सत्ताधारी हैं।

पनामा गेट पेपर्स लीक की पहली बलि आइसलैंड के प्रधानमंत्री सिगमुंडर डेविड चढ़े थे। उनके बाद स्पेन के उद्योग मंत्री खोसे मैनुअल सोरिया नप गए। उसी तरह ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री डेविड कैमरून अपने पिता के खाते की वजह से उलझ गए।

लिस्ट में भारत की कई दिग्गज हस्तियां
पनामा गेट मामले से भारत में भी ‘भूचाल’ आ सकता है। भारत में भी कई सैलीब्रिटीज और कारोबारियों के नाम सामने आए। इस लिस्ट में 500 भारतीयों, कम्पनियों और ट्रस्ट्स के नाम है। जानकारी के मुताबिक पनामा की लॉ फर्म मोसेक फोंसेका के खुलासे में सैफ अली खान, करीना कपूर, करिश्मा कपूर, वीडियोकॉन कम्पनी के वेणुगोपाल धूत और पुणे का पंचशील ग्रुप शामिल थे।

इसके अलावा अभिनेता अमिताभ बच्चन, ऐश्वर्य रॉय बच्चन, डी.एल.एफ . के मालिक के.पी. सिंह, गौतम अडानी के भाई विनोद अडानी, इंडिया बुल्स के मालिक समीर गहलोत के नाम भी शामिल थे। रिपोर्ट के मुताबिक जिन लोगों के लिस्ट में नाम शामिल हैं वे टैक्स हैवन देशों में मोसेक फोंसेका की मदद से कम्पनियां शुरू करते थे।

कुछ पर आरोप है कि वे इन कम्पनियों के आधार पर बैंक से लोन भी लेते थे। गौरतलब है कि टैक्स हैवन ऐसे देश हैं जहां टैक्स बचाने के लिए सिस्टम में छूट होती है। खास बात यह है कि टैक्स हैवन देश अपने इन्वैस्टरों के नाम का खुलासा भी नहीं करते हैं।
किसके डॉक्युमैंट्स लीक हुए, क्या है पनामा गेट?-ये डॉक्युमैंट्स मोसेक फोंसेका के लीक हुए थे जिससे कर चोरी के मामलों का खुलासा हुआ था।
-1977 में बनी मोसेक फोंसेक एक लीगल फर्म है जिसका मुख्यालय पनामा में है। यह दुनियाभर की कम्पनियों या लोगों से मोटी फीस लेकर उन्हें फाइनैंशियल मैटर्स पर एडवाइज देती है।

-एडवाइज की आड़ में यह कम्पनी ऑफशोर कम्पनियां बना देती है। यानी आप फीस दीजिए और सीक्रेट और आसान टैक्स सिस्टम वाले देशों में कम्पनियां बना लीजिए।

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