जीएसटी: कारोबारियों को मिली राहत, सरकार ने मानी ये मांग

नई दिल्ली। सरकार ने जीएसटी के चलते दिल्ली में चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही का वैट रिटर्न भरने की अंतिम तारीख बढा दी है।। इस फैसले से कारोबारियों को थोड़ी राहत मिलेगी। वैट रिटर्न भरने की अंतिम तारीख 28 जुलाई थी जिसे अब बढ़ाकर 17 अगस्त कर दिया गया है।

जी.एस.टी. लागू होने के कारण इस माह कारोबारी जी.एस.टी. की बारीकियों को समझने व इसकी तैयारियों में व्यस्त रहे और काफी कम रिटर्न भर पाए। ऐसे में कारोबारियों ने वैट रिटर्न की अंतिम तारीख बढ़ाने की मांग की थी। वैट रिटर्न तारीख बढऩे की अहमियत इसलिए और बढ़ जाती है कि क्योंकि इस वित्त वर्ष की पहली और पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही के रिटर्न के आधार पर जीएसटी में पुराने स्टॉक पर इनपुट क्रेडिट मिलना है।

17 अगस्त तक बढी मियाद
दिल्ली के वैट आयुक्त एच राजेश प्रसाद ने बताया जीएसटी की तैयारियों में कारोबारियों की व्यस्तता के चलते उनकी मांग पर वैट रिटर्न भरने की अंतिम तारीख 28 जुलाई से बढ़ाकर 17 अगस्त कर दी गई है। जी.एस.टी. में व्यस्तता के चलते काफी कम कारोबारियों ने वैट रिटर्न भरा है।
तारीख बढऩे से कारोबारियों को मिली राहत
दिल्ली बिक्री कर बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष संजय शर्मा ने कहा कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही का वैट रिटर्न भरने की अंतिम तारीख 28 जुलाई तक 80 हजार से 1 लाख कारोबारी ही वैट रिटर्न भर सके, जबकि दिल्ली में 4.15 लाख कारोबारी वैट विभाग में पंजीकृत हैं। चैंबर ऑफ ट्रेड ऐंड इंडस्ट्री के संयोजक बृजेश गोयल कहते हैं कि वैट रिटर्न की अंतिम तारीख बढऩे से कारोबारियों को राहत मिली है क्योंकि 1 जुलाई से जीएसटी लागू होने के बाद से ही कारोबारी जीएसटी को समझने और इसके अनुपालन में उलझे हुए हैं, जिससे बहुत सारे कारोबारी अप्रैल-जून तिमाही का वैट रिटर्न नहीं भर पाए।

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