अब कंपनियों को अखबारों में छपवाने होंगे नए और पुराने रेटः राजस्व सचिव

नई दिल्ली। राजस्व सचिव हसमुख अढिया ने बताया कि सरकार ने जी.एस.टी. के क्रिरयान्वयन पर निगरानी रखने के लिए पूरे देश में नोडल अधिकारी तैनात किए हैं, इसके लिए जिलों को 175 समूहों में वर्गीकृत किया गया है।

उन्होंने कहा कि हर राज्य के लिए अलग टीम बनेगी। ग्राहकों को किसी तरह की समस्या नहीं होगी व कीमतों को लेकर सभी उद्योग सहयोग करें।

जी.एस टी केे बारे में सवाल- जवाब के लिए 6 जुलाई से शाम 4ः30 से 5ः 30 बजे तक क्लास शुरु होगी। तीन दिन हिंदी व तीन दिन अंग्रेजी में क्लास लगा करेेगी। हर सवाल को जवाब देने के लिए सरकार की तरफ से जी.एस.टी से संबंधित क्लास लगाने की पहल का जा रहा है, तांकि लोगों की गलतफहमी दूर की जाए।

विज्ञापन देकर बताने होंगे रेट

कंपनियों को जी.एस.टी. के लागू होने के बाद अखबारों में विज्ञापन देकर के पुराने और नए रेट के बारे में बताना होगा, जिससे लोगों के मन में किसी प्रकार का दुविधा न हो। अढिया ने कहा कि जी.एस.टी. लागू होने के बाद वो सप्लाई और कीमतों पर निगाह रखे हुए हैं।

उन्होंने कहा कि देश ने जी.एस.टी. को स्वीकार कर लिया है। जी.एस.टी के बारे में लोगों को जानकारी होनी चाहिए। उपभोक्ता मंत्रालय के सचिव अविनाश श्रीवास्तव ने कहा कि जी.एस.टी. के बाद 2 लाख 2 हजार नए लोगों ने रजिस्ट्रेशन किया है।

एम.आर.पी.में शामिल होंगे सभी तरह के टैक्स

सामान पर पुराना और नया एम.आर.पी. दिखाना जरूरी होगा अगर व्यापारी के पास पुराना स्टॉक पड़ा हुआ है। एम.आर.पी. में सभी तरह के टैक्स शामिल होंगे। पी.एम.ओ. ने कहा कि रिटर्न नहीं भरने पर रजिस्ट्रेशन रद्द होगा।

कंपनी डायरेक्टर को आधार देना होगा। अगर डायरेक्टर ने आधार नहीं दिया और रिटर्न फाइल नहीं किया तो फिर उसकी कंपनी का रजिस्ट्रेशन कैंसिल कर दिया जाएगा।

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